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बकरी पालन करके कैसे लाखों कमाये | Bakri Palan Kyse Kare In Hindi

बकरी पालन करके कैसे लाखों कमाये – बकरी पालन एक ऐसा व्यवसाय है। जो किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद बिजनेस हो सकता है। क्योंकि आज के समय में गाय और भैंसों को पालना कई किसानों के बस की बात नहीं है। वह छोटे स्तर पर बकरी पालन की शुरुआत कर सकते हैं। भारत में बकरी पालन परंपरागत तरीके से होता था लेकिन अब आधुनिक तरीके से बकरी पालन हो रहा है। जो किसानों के लिए बहुत ही फायदेमंद है। बकरी को भारत में गरीबों की गाय भी कहा जाता है । बकरी पालन करके घर बैठे लाखों रुपए कमाया जा सकता है।

बकरी पालन का आधुनिक तरीका (bakri palan in hindi)

बकरी पालन अब एक व्यवसाय के रूप में देखा जाता है। पहले किसान केवल 3 से 4 बकरियों को ही पालते थे। जिसके कारण वह ज्यादा फायदा नहीं कमा पाते थे। लेकिन वह अब मुर्गी पालन की तरह हजारो कि संख्या मे बकरी पालन को भी हो रहा हैं। आधुनिक बकरी पालने का तरीका यह है कि थोड़ी ट्रेनिंग लेना और कम पूंजी लगाकर उन्नत तरीके से बकरी पालन करना यही आधुनिक बकरी पालन है।

बकरी पालन के लिए आज के समय में सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसके तहत किसानों को ट्रेनिंग और सब्सिडी भी दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि देश में 2030 तक बकरी पालन को सभी किसानो तक पहुचाना और इसको एक व्यवसाय के रूप मे सफल बनाना।जिसके लिए सरकार बकरी पालन करने के लिए लोन भी प्रदान कर रही है। लोन प्राप्त करने के लिए आप अपने जिले के पशुधन अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।

बकरी पालन क्यों करें?(Why choose goat farming?)

बकरी पालन करने के लिए हमें ज्यादा पैसे और मेहनत की आवश्यकता नहीं होती है। इस व्यापार को करने के लिए केवल एक या दो लोगों की जरूरत होती है और आप आसानी से कर सकते हैं। बकरी पालन छोटे किसान, बेरोजगार युवा, भी अपना करियर बना सकते हैं। क्योकि बिजनेस को शुरू करके के लिए बहुत ज्यादा पैसे की जरुरत नही है। बकरी पालन करने के लिए आपको शुरूआत में कहीं से भी प्रशिक्षण लेने की जरूरत होती है। इसके बाद इसको आप आधुनिक तरीके से कर सकते हैं और समय-समय पर आप प्रशिक्षण लेते रहें जिससे किसी भी प्रकार की कोई समस्या ना हो।

बकरी पालन प्रशिक्षण केंद्र कहाँं है (goat farming training center)

बकरी पालन के लिए देशभर में कई प्रशिक्षण केंद्र हैं। जहां से आप बकरी पालन का प्रशिक्षण ले सकते हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मथुरा में केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान की स्थापना की है तथा बकरी अनुसंधान केंद्र राजस्थान जैसे कई केन्द्र है जो बकरी पालन प्रशिक्षण देते है। यह सभी भारतीय कृषि अनुसंधान का एक प्रमुख संस्था है। कृषि अनुसंधान और शिक्षा विभाग, कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक स्वायत्त संस्था है। यह संस्था बेरोजगार युवाओं, किसानो और छोटे उद्यमियों के लाभ राष्ट्रीय स्तर पर बकरी पालन प्रशिक्षण देता है।

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बकरी पालन से क्या-क्या लाभ है  (benefits of goat farming)

  • बकरी पालन बहुत कम जगह में भी किया जा सकता है जबकि अन्य पशुओं को पालने के लिए हमें ज्यादा जगह की जरूरत होती है।
  • कम जगह में अधिक बकरियों का प्रबंध किया जा सकता है।
  • बकरी पालन में अन्य जानवरों की तुलना में बकरियों को बहुत कम चारे जिसकी जरूरत होती है।
  • इसका व्यापार करने के लिए बहुत कम पैसे की जरूरत होती है।
  • बकरी पालन सभी प्रकार के मौसम में की जा सकती है।
  • बकरियां 2 साल में तीन बार मां बनती है जिसके कारण बकरियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ती है।
  • मुर्गियों में कई तरह की बीमारियों के चलते लोग बकरे का मांस खाने का ज्यादा डिमांड रहता है।
  • बकरे के मांस, दूध तथा अन्य उत्पाद मे काफी पोषक तत्व मिलते हैं।
  • बकरे के मांस में प्रोटीन और आयरन पाया जाता है।
  • बकरी के दूध से डेंगू जैसी खतरनाक बीमारियों को लड़ने में मदद मिलती है।
  • बकरी का दूध पचाना आसान होता है बच्चों और बड़ों के लिए यह अच्छा माना गया है।

बकरी पालने का तरीका (bakri palan ka tarika)

बकरी पालन कैसे करें? यह एक सबसे बड़ी समस्या है किसानों को। कौन सी नस्ल का चयन करें? कौन सा भोजन दे और देखभाल कैसे करें? यह सब जानकारी के नीचे दी गई हैं। बकरी पालन शुरू करने से पहले आप एक रणनीति से काम करें। जिससे इस बिजनेस में आपको ज्यादा से ज्यादा फायदा हो तथा बकरी पालन से जुड़ी सरकार की जो भी योजना चल रही हो उसका जरूर से जरूर फायदा उठाएं।

नस्ल का चयन कैसे करें

बकरी की नस्ल की बात किया जाए तो दुनिया भर में लगभग 100 से ज्यादा नस्लें हैं। अगर वही बात केवल भारत की बात किया जाए तो भारत में  लगभग कुल 21 से ज्यादा नस्ले पाई जाती है। कुछ प्रकार की नस्लें नीचे दी गई हैं। भारत के लिए यह अच्छी नस्ले मानी जाती है।

  • बरबरी
  • जमुनापारी
  • जखराना
  • बीटल
  • गद्दी
  • ओस्मानाबादी
  • सुरती
  • ब्लैक बंगाल
  • सिरोही
  • कच्छी
  • मारवारी

स्थान का चयन

वैसे तो बकरियों को कहीं भी पाला जा सकता है लेकिन बकरियों को ऊंचे और साफ जगह ज्यादा पसंद होती है। इसलिए अगर आप ऊंची भूमि की व्यवस्था कर सके तो वह आपके लिए बहुत अच्छी जगह होगी। बकरी पालन में यह बहुत जरूरी नहीं है।

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बकरियों की भोजन और देखभाल

ऊपर दिए गए नस्लो में से अगर आप किसी भी एक नस्ल का चुनाव करते हैं। तो आपको चारे की अच्छी व्यवस्था करनी होगी। अगर आप बकरियो को अच्छी भोजन देंगे। तो बकरीयाँ एक बार 3 से 5 बच्चे देने की क्षमता रखती है। यह नस्ल अन्य नस्लों के मुकाबले ज्यादा फुर्ती ली होती है। आपको समय-समय पर बकरियों की देखभाल भी करना जरूरी होता है।

बकरी पालन में कितनी कमाई होती है (goat farming income)

किसान भाइयों को मुर्गी पालन के बाद बकरी पालन करना एक पसंदीदा व्यवसाय माना जाता है। क्योंकि यह दोनों बहुत कम लागत में शुरू किया जाता है और ज्यादा मुनाफा कमाया जाता है। पिछले कई सालों में बकरी पालन करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि देखा गया है। क्योंकि मुर्गी पालन में बर्ड फ्लू जैसी कई बीमारियों का खतरा रहता है। इसके लिए अब किसान धीरे-धीरे बकरी पालन की तरफ से जागरूप हो रहे हैं। बकरियों में बहुत कम रोग होने की संभावना होती है। अगर बकरी पालन से कमाई की बात किया जाए। तो इसके मांस और दूध को बेचकर किसान भाई अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। यदि आप शुरुआत केवल 20 से 30 बकरियों से करते हैं। तो 2 से 3 साल के अंदर आपके पास लगभग 400 से ज्यादा बकरियां हो जाएंगी और आप लाखों रुपए महीने का कमा सकते हैं।

बकरियों की मार्केटिंग कैसे करें

आज के समय में बकरे की मांस खाने का बहुत ही ज्यादा डिमांड है। जिसके कारण आपको ज्यादा मार्केटिंग करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। बस केवल ग्राहक को आप के फार्म हाउस का पता चलना चाहिए। वह खुद आपके पास बकरियाँ खरीदने के लिए आ जाएंगे। आप अन्य छोटे व्यापारियों को भी अपने बकरी के छोटे बच्चे को बेच करके भी मुनाफा कमा सकते हैं।

FAQ :

Q : बकरी पालन प्रशिक्षण केंद्र कहाँं है?

Ans : बकरी पालन के लिए देशभर में कई प्रशिक्षण केंद्र हैं। जहां से आप बकरी पालन का प्रशिक्षण ले सकते हैं। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के मथुरा तथा बकरी अनुसंधान केंद्र राजस्थान जैसे कई केन्द्र है जो बकरी पालन प्रशिक्षण दिया जाता है।

Q : बकरी पालन मे कौन सी नस्ल का चयन करें?

Ans : बरबरी, जमुनापारी, जखराना, बीटल, गद्दी, ओस्मानाबादी, सुरती, ब्लैक, बंगाल सिरोही, कच्छी मारवारी जैसी नस्लो मे से किसी का भी चयन कर सकते है।

Q : एक बकरी कितने बच्चे देने की क्षमता रखती है?

Ans : एक बकरीयाँ एक बार 3 से 5 बच्चे देने की क्षमता रखती है।।

Q : 10 बकरी पालने में कितना खर्चा आता है?

Ans : किसी देशी स्थानीय नस्ल की बकरी को पालने मे लगभग 6 हजार रुपए प्रति बकरी की दर से कुल 60 हजार रुपए की लागत आती है।

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