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करौंदा के फायदे, नुकसान, वैज्ञानिक नाम, बनने वाली रेसपी

करौंदा एक प्रकार का फल है जिसका पौधा झाड़ी नुमा होता है। करौंदा के फायदे, यह पौधा भारत में राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, उत्तर प्रदेश और हिमालय के क्षेत्रों में पाया जाता है। यह नेपाल और अफगानिस्तान सहित देश के अन्य हिस्सो में भी पाया जाता है। यह अपने लाल रंग और तीखे स्वाद के लिए जाना जाता है। करोंदा के फलों का उपयोग सब्जी और अचार बनाने में किया जाता है। करौदा मे विटामिन सी, एंटीऑक्सिडेंट और फाइबर सहित कई पोषक तत्त पाये जाते है। जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमन्द होता है। यह पौधा अगस्त या सितम्बर में लगाया जाता है। दो वर्ष के बाद पौधे में फल आने लगते हैं। और जुलाई से सितम्बर के बीच फल पक जाता है।

करौंदा का वैज्ञानिक नाम एवं कुल ( Cranberry Scientific Name in Hindi )

  • करौंदा का वैज्ञानिक नाम वैक्सीनियम मैक्रोकार्पॉन ( Vaccinium macrocarpon ) है।
  • यह एरिकेसी कुल का पौधा हैं।
  • करौंदा का फल गोल, छोटे और हरे रंग के होते है। पकने पर यह काले रंग के होते है।
  • गाँव में करौदा की सब्जी बनाकर भी खाई जाती है।
  • करौदा की रेसिपी कैसे बनाई जाती है। आइये जानते हैं करौदा के अचार बनाने की विधि।

करौंदा की रेसपी

करौदा खाने से शरीर के कई रोग खत्म हो जाते है। आज हम आपको करौदा के अचार के फायदे, करौदा के अचार कैसे बनाये जिसके लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री जुटाने की जरूरत नहीं है और बहुत ही कम समय में करौदा के अचार बनाकर तैयार कर सकते है।

करौदा के अचार बनाने के लिए सामान

  • करौदा ( litchis)
  • चीनी (sugar, optional)
  • दालचीनी ( cinnamon )
  • साबुत लौंग ( whole cloves)
  • अदरक कद्दूकस किया हुआ (grated ginger )
  • नमक (salt )
  • पानी(Water)

करौदा के अचार बनाने की विधि

  • सबसे पहले करौंदा को अच्छी तरह से धोकर अलग रख दें।
  • इसके बाद एक कराही मे, चीनी, पानी, दालचीनी स्टिक, लौंग, अदरक, नमक, संतरे का रस को मिलाएं। बीच-बीच में चलाते रहे और मिश्रण को मध्यम आँच पर उबाल लें।
  • इसके बाद आँच को कम करें और करौंदा को कराही में डालें। और लगभग 10-15 मिनट के लिए या जब तक करौंदा फूटने न लगे और मिश्रण थोड़ा गाढ़ा हो जाए तब तक उबालें।
  • अब कराही को आँच से हटाले और करौदा के अचार को कमरे के तापमान में ठंडा होने दें।
  • करौंदे के अचार को एक जार में डालें और परोसने से पहले कम से कम 2-3 घंटे के लिए फ्रिज में रख सकते है।
  • करौदा का अचार को रेफ्रिजरेटर में एक सप्ताह तक रखा जा सकता है।
  • इस प्रकार से करौंदा का अचार बन कर तैयार हो गया है। अपने घर के बने करौदा के अचार का आनंद लें।

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करौंदा के फायदे (Benefits of Cranberry in Hindi)

करौंदा बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके बारे में पूरी जानकारी हम नीचे दे रहे है। आप इसे पुरा पढ़े

1.इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए करौंदा के फायदे

करौंदा विटामिन सी का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने मे मदद करता है। विटामिन सी सफेद रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करने में मदद करता है, जो संक्रमण से लड़ने के लिए आवश्यक हैं। इसके साथ-साथ करौदा में एंथोसायनिन, फ्लेवोनोल्स और प्रोएंथोसायनिडिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट कोशिकाओं को हानिकारक मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं और प्रतिरक्षा प्रणाली के मजबूत करने मे मदद करते है।

2. आंखों के लिए करौंदा के फायदे

करौदा में एंटी-इंफ्लेमेटरी यौगिक होते हैं जो आंखों में सूजन को कम करने में मदद करते हैं। एक रिसर्च के अनुसार करौदा में पाए जाने वाले फ्लेवोनोइड रक्त वाहिका मे समर्थन कर सकते हैं। जो आँखों में उचित संचलन के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है इसके साथ-साथ करौंदा मे कई पोषक त्वत पाये जाते है जो आंखों के स्वास्थ्य में योगदान करते है। उदाहरण के लिए, विटामिन ए और सी, साथ ही साथ मैंगनीज जैसे खनिजों की उपस्थिति आंखों की भलाई के लिए महत्वपूर्ण है।

3. हृदय स्वास्थ्य के लिए करौंदा के फायदे

करौंदा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं जो शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन को कम करने में मदद करते हैं। ये एंटीऑक्सिडेंट हृदय और रक्त वाहिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। एक रिसर्च के अनुसार करौंदा का उपोयग करने से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। करौंदा के जूस का नियमित सेवन से उच्च घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एचडीएल) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ाने में मदद मिल सकती है, जिसे अच्छा कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है, जबकि कम घनत्व वाले लिपोप्रोटीन (एलडीएल) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करता है।

4. वजन कम करने के लिए करौंदा के फायदे

करौंदा फाइबर का एक अच्छा स्रोत माना जाता है। फाइबर पाचन में सहायता करता है और रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है। करौंदा में लगभग 87% पानी होता है। जो उनकी कुल मात्रा में योगदान देता है। उच्च जल सामग्री वाले खाद्य पदार्थ अधिक पेट भरने वाले होते हैं और भूख को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। करौंदा के रस आपके वजन घटाने मे मदद करता है।

करौंदा खाने के नुकसान (Side Effects of Cranberry Hindi)

करौंदा के खाने से हमें फायदे और नुकसान दोनों होते हैं नीचे हमने करौंदा के खाने से कुछ नुकसान के बारे में बताया है।

  • कुछ व्यक्तियों को करौंदा से एलर्जी हो सकती है। एलर्जी संबंधी प्रतिक्रियाएं हल्के लक्षणों जैसे खुजली और पित्ती से लेकर समस्या हो सकती हैं।
  • कुछ लोगों को करौंदा का सेवन करने के बाद पाचन संबंधी समस्याओं का अनुभव हो सकता है। इसमें सूजन, गैस या पेट खराब होना जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1.) करौंदा का वैज्ञानिक नाम क्या है ?

Answer:- करौंदा का वैज्ञानिक नाम वैक्सीनियम मैक्रोकार्पॉन ( Vaccinium macrocarpon ) है।

2.) करौंदा में कौनसा विटामिन होता है?

Answer:- करौंदा मे विटामिन सी, बी और आयरन से भरपूर होते है। इसके अलावा, इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों भी भी मौजूद होते है

3.) क्या करोंदा को कच्चा खाया जा सकता है?

Answer:- हाँ करौदा के कच्चा खाया जा सकता है।

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