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बंपर पैदावार के लिए मानसून के अनुसार करें सोयाबीन की इन किस्मों की बुआई

बंपर पैदावार के लिए मानसून के अनुसार करें सोयाबीन की इन किस्मों की बुआई:- भारत में मानसून का खेती पर बहुत बड़ा असर पड़ता है। इस लिए किसानो को मौसम के अनुसार सोयाबीन की बुवाई करना चाहिए, जिससे किसानों के लिए यह महत्वपूर्ण होता है। किसान मौसमी किस्मो मे अधिक पैदावार प्राप्त कर सकते है। सोयबीन की अच्छी किस्मों का चयन करें जो आपके क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हों। इस लेख में, हम सोयाबीन की कई किस्मों पर चर्चा करेंगे जो मानसून के अनुसार बढती है।, जिससे प्रति हेक्टेयर 32 से 38 क्विंटल तक की बंपर पैदावार होती है। किस्मों के बारे में जाने से पहले, आइए भारत में सोयाबीन की खेती के महत्व को समझें।

भारत में सोयाबीन की खेती

सोयाबीन को भारत में खरीफ फसल के रूप में बाटा गया है और मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान जैसे राज्यों में उगाया जाता है। देश मे सोयाबीन उत्पादन में अकेले मध्य प्रदेश का योगदान 45 प्रतिशत है। किसानों के लिए यह आवश्यक है कि वे उनके लिए उपलब्ध कई प्रकार की अधिक उपज वाली सोयाबीन किस्मों के बारे में जाने। आइए मानसून के अनुसार जाने सोयाबीन की इन किस्मों के बारे मे।

मानसून अनुसार उपयुक्त सोयाबीन की किस्में

इस साल वैज्ञानिक यह अनुमान लगा रहे हैं कि मौसम लेट से आएगा और लेट से जाएगा। तो यह बात साफ होती दिखाई दे रही है कि सितंबर और अक्टूबर में ही इस बार अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। ऐसी स्थिति देखने बाद किसान भाइयों को ज्यादा दिन में पकने वाली सोयाबीन की वैरायटी का उपयोग करना चाहिए। जिससे वह अधिक उत्पादन प्राप्त कर सके।

बीएस 6124 सोयाबीन किस्म

बीएस 6124 सोयाबीन की एक ऐसी किस्म है जिसकी बुवाई के लिए प्रति एकड़ लगभग 35-40 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है। यह किस्म प्रति हेक्टेयर लगभग 20-25 क्विंटल की उपज देती है और 90-95 दिनों में पक जाती है। इसकी लंबी पत्तियों और बैंगनी रंग के फूलों से इसे पहचाना जा सकता है।

जेएस 2069 सोयाबीन की किस्म

जेएस 2069 सोयाबीन की ऐसी किस्म है जिसे 10 जून से 25 जून के बीच सबसे अच्छी तरह से बोई की जाती है। प्रत्येक एकड़ के लिए किसानों को लगभग 40 किलोग्राम बीज का उपयोग करना चाहिए। यह किस्म प्रति हेक्टेयर लगभग 24-28 क्विंटल उपज देती है और लगभग 82-88 दिनों में परिपक्वता तक पहुँच जाती है।

बंपर उपज देने वाली सोयाबीन की अन्य किस्में

सोयाबीन की कई अन्य किस्मे है जो अधिक पैदावरा देती है। जिसकी बुआई किसान मानसून के अनुसार करने पर विचार कर सकते हैं। आइए कुछ प्रमुख किस्मो पर एक नज़र डालते है।

MACS 1407 किस्म सोयाबीन:

हाल ही में विकसित सोयाबीन की यह किस्म असम, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वोत्तर राज्यों में खेती के लिए अच्छी तरह से अनुकूल है। यह प्रति हेक्टेयर 39 क्विंटल तक उपज देता है और इसमें प्रमुख कीटों के खिलाफ प्रतिरोधक क्षमता होती है, जिससे यह किसानों के लिए एक आदर्श विकल्प बन जाता है।

जेएस 2034 सोयाबीन किस्म:

जेएस 2034 किस्म में पीले दाने, सफेद फूल और चपटी फली होती है। यह कम वर्षा में भी अच्छी फसल देने की क्षमता के लिए जाना जाता है। किसान 80-85 दिनों की कटाई अवधि के साथ प्रति हेक्टेयर 24-25 क्विंटल उत्पादन की उम्मीद कर सकते हैं। इस किस्म की बुवाई के लिए प्रति एकड़ 30-35 किलोग्राम बीज पर्याप्त होता है।

फुले संगम/केडीएस 726 सोयाबीन की किस्म

फुले संगम/केडीएस 726 महाराष्ट्र में महात्मा फुले कृषि विश्वविद्यालय द्वारा 2016 में बताई गई सोयाबीन की एक किस्म है। यह बड़े और मजबूत पौधों की विशेषता के रुप मे जाना जाता है, जिसमें प्रत्येक पौधे में तीन दानों वाली 350 फलियाँ होती हैं। इस किस्म के मोटे दाने होते हैं, जिससे प्रति हेक्टेयर 36 से 45 क्विंटल तक की उपज के साथ उच्च लाभ मार्जिन होता है।

प्रताप सोया-45 (आरकेएस-45) सोयाबीन की किस्म

राजस्थान राज्य में सोयाबीन की प्रताप सोया-45 (आरकेएस-45) किस्म खेती के लिए उपयुक्त है। यह सफेद फूलों, पीले बीजों और भूरे रंग के हिलम के साथ मजबूत वृद्धि दर्शाता है। यह किस्म 90-98 दिनों में पक जाती है और कुछ हद तक पानी की कमी को झेल सकती है। सिंचित क्षेत्रों में, यह उर्वरकों के लिए अच्छी तरह से प्रतिक्रिया करता है, इसकी अनुकूलन क्षमता और लचीलेपन का प्रदर्शन करता है।

किसानों के लिए मानसून के अनुसार अपनी पैदावार को अधिकतम करने के लिए सोयाबीन की सही किस्म का चयन करना महत्वपूर्ण है। इस लेख में कई किस्में बम्पर पैदावार की क्षमता प्रदान करती हैं, प्रति हेक्टेयर 35 से 40 क्विंटल तक। अपने संबंधित क्षेत्रों के लिए सोयाबीन की इन किस्मों का चयन करके, किसान सोयाबीन की सफल खेती करे और अपनी फसल से अधिक से अधिक कमाई करें।

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FAQs

1.) जेएस 2069 सोयाबीन किस्म की बुवाई के लिए सही समय क्या है?

Answer:- JS 2069 सोयाबीन की किस्म आदर्श रूप से 15 जून से 22 जून के बीच बोई जाती है।

2.) एमएसीएस 1407 सोयाबीन किस्म से प्रति हेक्टेयर कितने क्विंटल प्राप्त किया जा सकता है?

Answer:- MACS 1407 सोयाबीन किस्म की उपज 39 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक होती है।

3.) राजस्थान में सोयाबीन की कौन सी किस्म खेती के लिए उपयुक्त है?

Answer:- राजस्थान में खेती के लिए प्रताप सोया-45 (आरकेएस-45) सोयाबीन किस्म की उपयुक्त मानी गई है।

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