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शलजम का वैज्ञानिक नाम, फायदे, नुकसान, बनने वाले पकवान

शलजम का वैज्ञानिक नाम, scientific name of Turnip शलजम के फायदे, नुकसान, बनने वाले पकवान शलजम के नुकसान शलजम के फायदे और नुकसान शलजम खाने के फायदे व नुकसान शलजम की रेसिपी – शलगम कंद (जड़) वाली सब्जी होती है इसकी उत्पत्ति रूस देश में माना जाता है आज पूरे विश्व में इसकी खेती होती है इसकी मोटी जड़ की सब्जी के साथ-साथ इसके पत्तियों का साग भी बनाया जाता है। पशुओं के लिए यह चारे मे भी उपयोग किया जाता है। शलजम के कई फायदे हैं। इसकी सब्जी में  प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस, विटामिन ‘ए तत्व पाए जाते हैं जो हमारे सेहत के लिए बहुत ही फायदे। शलजम का कई प्रकार से उपयोग होता है शलजम की सब्जी, साग के साथ-साथ इसका आयुर्वेद में कई प्रकार की दवाइयों के रूप में उपयोग किया जाता है। जो शरीर में बहुत ही फायदेमंद होता है। आज हम इस लेख में आपको बताएंगे कि शलजम से शरीर में क्या क्या लाभ होता है। साथ ही साथ आप को बताएंगे की शलजम का वैज्ञानिक नाम, फायदे, नुकसान, बनने वाले पकवान। जो श्याद आप नही जानते होगें।

शलजम का वैज्ञानिक नाम एवं कुल (Turnip Scientific Name in Hindi )

  • शलजम का वैज्ञानिक नाम ब्रैसिका रैपा (Brassica rapa) है।
  • यह क्रुसीफ़ेरी या ब्रेसीकेसी कुल का पौधा है।
  • इसकी जड़ गांठनुमा होती है जिसकी सब्ज़ी बनती है।
  • शलजम में फोलिक एसिड, मैग्नेशियम, सोडियम, कॉपर, लोहा तथा के प्रोटीन आदि पोषक तत्व पाए जाते हैं।
  • इसका स्वाद ना कड़वा ना मीटा होता है। लोग आसानी से खा सकते है।
  • शलजम के पत्तों का उपयोग औषधी के रूप में किया जाता है।
  • शलजम की स्वादिष्ट सब्जी कैसे बनाई जाती है। आइये जानते हैं शलजम की रेसिपी के बारे में

शलजम की रेसिपी

शलजम तो लगभग सभी के घर में इस्तेमाल किया जाता है। शलजम सेहत के लिए अच्छा माना जाता है शलजम खाने से शरीर के कई रोग खत्म हो जाते है। शलजम का आम तौर पर लोग सब्जी के रुप मे उपयोग करते है। आज हम आपको शलजम की सब्जी बनाना बताएंगे शलजम की स्वादिष्ट सब्जी कैसे बनाये जिसके लिए आपको बहुत ज्यादा सामग्री जुटाने की जरूरत नहीं है और बहुत ही कम समय में शलजम की सब्जी बनाकर तैयार कर सकते है।

शलजम की सब्जी बनाने के लिए सामान

  • शलजम
  • प्याज
  • टमाटर
  • सरसो का तेल
  • लहसुन
  • जीरा
  • पानी
  • अदरक बारीक कटा
  • हल्दी
  • नमक
  • लाल मिर्च पाउडर
  • हरी मिर्च
  • सौंफ
  • धनिया पाउडर

शलजम की सब्जी बनाने का आसान तरीका

  • शलजम की सब्जी बनाने के लिए पहले शलजम को अच्छे तरीके से धो लें और उसे काट ले।
  • हरी मिर्च का डंठल तोड़कर उसे भी अच्छे से धो लें इसके बाद अदरक, लहसुन, प्याज सभी को छीलकर उसे मिक्स कर ले।
  • अब एक कड़ाही में आपको हल्की आंच पर तेल को गर्म करना है इसमें जीरा और मेथी का दाना और हींग डालें और कुछ सेकंड तक इसे भूने।
  • इसके बाद ही इसमे अदरक और हरी मिर्च डालें और उसे कुछ समय तक भूने।
  • अब इसके बाद हल्दी के साथ-साथ प्याज को डालकर अच्छी तरीके से मिलाएं और 2 से 3 मिनट तक हल्की मध्यम आंच पर पकाएँ।
  • इसके बाद शलजम, नमक, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर डालकर अच्छी तरह से मिलाए।
  • शलजम को बीच बीच में चलाते रहे और लगभग 8-10 मिनट तक पकाएं।
  • इसके बाद आप गैस को बंद कर दें।
  • इस प्रकार से आप की स्वादिष्ट शलजम की सब्जी बनकर तैयार हो गए हैं इसको आप रोटी चावल दाल के साथ भी सर्व कर सकते हैं

शलजम का उपयोग

शलजम का कई तरह से उपयोग किया जाता है जो कि हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही लाभदायक होता है। शलजम मे अधिक मात्रा मे औषधि गुण पाया जाता हैं। शलजम का स्वाद ना कड़वा ना मीटा होता है। शलजम को कच्चा खाएं या पका कर खाये दोनो हमारे लिए औषधि के रुप मे काम करता है। जो हमारे स्वास्थ्य को बेहतर करने में मदद करता है। इसमें कई प्रकार के पोषक तत्व भी पाए जाते हैं।

  • शलजम का उपयोग सब्जी के रूप में अधिक किया जाता है।
  • शलजम का उपयोग भोजन करते समय सलाद के रूप में किया जाता है।
  • शलजम का उपयोग जूस बनाकर भी किया जाता है।
  • शलजम को आलू के साथ मिलाकर स्वादिष्ट सब्जी बनाई जाती है।
  • शलगम का अचार भी बनाकर अधिक उपयोग किया जाता है।
  • शाम के समय शलजम का सूप बनाकर भी उपयोग किया जाता है।

चलिए आपको बताते हैं कि शलगम खाने से शरीर में किस प्रकार के फायदे और नुकसान होने है, दोनों के बारे में पूरी जानकारी देंगे तो आप हमारे साथ बने रहें और शलगम के बारे मे पूरी जानकारी नीचे प्राप्त करें।

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शलजम के फायदे (Benefits of Turnip in Hindi)

अगर आप भी शलगम नहीं खाते हैं तो यह पढ़ने के बाद आप जरूर शलगम खाना शुरू कर देंगे, क्योंकि शलगम में कई प्रकार के औषधि गुण पाए जाते हैं जो हमें स्वस्थ रखने के लिए काफी मदद करते हैं। जैसा कि हमने ऊपर बताया कि शलगम में कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं उसमें फोलिक एसिड, मैग्नेशियम, सोडियम, कॉपर, लोहा तथा के प्रोटीन भी पाए जाते हैं। शलगम बहुत ही फायदेमंद होता है। इसके बारे में पूरी जानकारी हम नीचे दे रहे है। आप इसे पुरा पढ़े

1. बालों को स्वस्थ बनाने के लिए

शलजम को भोजन में शामिल करने से हमारे बालों की देखभाल में मदद मिलती है क्योंकि शलजम में जिंक, मैग्नीशियम, आयरन की मात्रा पाई जाती है यह बालों के पोषक तत्व को पूर्ण करने में मदद करती है बालों के लिए शलजम बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकता है लेकिन अभी इस पर रिसर्च करने की आवश्यकता है।

2. त्वचा के लिए शलजम के फायदे

शलजम में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो हमारी त्वचा को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं शलजम में विटामिन सी की मात्रा भरपूर पाई जाती है और इसमें एक शक्तिशाली एक्सीडेंट भी पाया जाता है जो त्वचा में मुक्त कणों से लड़ने में मदद करता है तथा विटामिन सी के कारण त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करता है साथ ही साथ विटामिन सी त्वचा पर आये धब्बे दाग को भी साफ करने में मदद करता है इसलिए शलजम के जूस का उपयोग करना चाहिए।

3. गर्भावस्था के दौरान शलजम फायदेमंद

गर्भवती महिलाओं को खाद्य पदार्थों की अधिक आवश्यकता होती है डब्ल्यूएचओ की एक रिपोर्ट के अनुसार गर्भवती महिलाओं को शलजम का उपयोग करना चाहिए क्योंकि इसमें फोलेट और आयरन की मात्रा पाई जाती है जो गर्भावस्था के दौरान एनीमिया जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है इलके अलावा फोलेट से होने वाले बच्चे का न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट से बचाव करता है इस आधार पर यह माना जा सकता है कि गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के लिए शलजम बहुत ही उपयोगी साबित होता है।

4. याददाश्त बढ़ाने मे

याददाश्त को बढ़ाने के लिए शलजम का उपयोग किया जा सकता है क्योंकि इसमे कोलीन (choline) पाया जाता है आपको बता दें कि कोलीन (choline) स्मरण शक्ति को बढ़ाने में हमारे मस्तिष्क के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है एनसीबीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार कोलीन दृश्य और मौखिक याददाश्त को नियंत्रित करने मे मदद करता है। वही एक और रिसर्च के अनुसार यह भ्रूण में मस्तिष्क और स्मृति विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है और न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट होने से भी बचाता है इसलिए हमें शलजम का उपयोग करना चाहिए

5. ऑस्टियोपोरोसिस रोगियों के लिए शलजम

शलजम के उपयोग से देखा गया है कि ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम हुआ है दरअसल ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां कमजोर होती है और पतली होती चली जाती है ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या से बचने के लिए शलजम का उपयोग करना चाहिए इसके टाइपिंग में विटामिन के की मात्रा पाई जाती है जो हमारी हड्डियों को मजबूत के साथ-साथ जोखिम में मदद करता है और कैल्शियम की मात्रा को संतुलित रखने में मदद करता है विटामिन के हड्डियों के घनत्व को बढ़ाने में मदद करता है एक रिसर्च में पाया गया है शलजम के तेल ओस्टियोपोरोसिस के उपचार में बहुत ही मददगार साबित होते है।

6. एनीमिया के लिए शलजम का उपयोग

एनीमिया की समस्या होने पर शलजम के उपयोग से लाभकारी प्रभाव देखा गया है शरीर में आयरन की कमी होने से ही समस्याएं होती है शलजम की टर्निप में विटामिन सी की मात्रा पाई जाती है जो शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ाने में मदद करती है इसके आधार पर यह बताया गया है कि शलजम के उपयोग से शरीर मे आयरन की कमी पुरी होती है। जिससे एनीमिया जैसे रोग शरीर में होने का खतरा कम हो जाता है।

7. लिवर और किडनी के लिए

शलजम के उपयोग से देखा गया है कि लीवर और किडनी में भी काफी लाभ हुआ है एक रिसर्च के अनुसार शलजम में हेपेटोप्रोटेक्टिव और नेफ्रोप्रोटेक्टिव पाया जाता है जिसके कारण यह काफी प्रभाव कारी साबित होता और लीवर और किडनी की रक्षा करने में मदद करता है एक रिसर्च में बताया गया है कि शलजम के औषधीय गुण के कारण इसका इस्तेमाल लीवर किडनी से जुड़ी बीमारियों को खत्म करने में मदद करता है फिलहाल अभी इस पर और रिसर्च करने की आवश्यकता है।

8. हड्डियों मे शलजम के फायदे

हड्डियों को स्वस्थ बनाने के लिए शलजम का उपयोग करना चाहिए और इसके लाभकारी प्रभाव देखे गए हैं वहीं एनसीबीआई की एक रिसर्च के अनुसार शलजम में कैल्शियम की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो हड्डियों को निर्माण और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है इसलिए हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए हमें शलजम का उपयोग करना चाहिए जो हमारे शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।

9. आंखों के लिए पालक के फायदे

आंखों को स्वस्थ रखने के लिए शलजम के साथ-साथ हमें पत्तेदार साग का सेवन करना चाहिए इसमें शलजम एक बात महत्वपूर्ण साग है जो कि आंखों की रोशनी को बढ़ाने में मदद करता है क्योंकि शलजम में विटामिन ए विटामिन सी की मात्रा के साथ साथ कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमारे आंखों को मजबूत करने में मदद करते हैं और आंखों में होने वाले मैक्यूलर डीजेनरेशन रोग को कम करने में मदद करते हैं साथ ही साथ शलजम में ल्यूटिन (Lutein) और जियाजैंथिन (Zeaxanthin) नामक यौगिक में पाए जाते हैं ल्यूटिन और जियाजैंथिन का सेवन एंटीऑक्सिडेंट गुण की तरह कार्य करते हैं जो रेटिना के केंद्र बिंदु में पिगमेंटी को सुधारने में मदद करते हैं।

10 वजन घटाने के लिए

वजन घटाने में लोगों को बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता है लेकिन शलजम के सेवन करने से मोटापा को कम किया जा सकता है क्योंकि शलजम में कई प्रकार के प्रोटीन और पोषक तत्व पाए जाते हैं सामान्य रूप से वजन को घटाने के लिए कैलोरी की कम मात्रा का सेवन करना जरूरी होता है शलजम कम कैलोरी वाला खाद्य पदार्थ के रूप में जाना जाता है इसे आहार में अधिक से अधिक शामिल करना चाहिए और अपने मोटापे को नियंत्रित करना चाहिए वैज्ञानिक रिसर्च के अनुसार शलजम वजन को कम करने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

शलजम के नुकसान (Side Effects of Turnip in Hindi)

शलजम का उपयोग अधिकत्तर सब्जी, सलाद के रुप मे उपयोग किया जाता है। इसका लोग अपनी पसंद के हिसाब से उपयोग करते हैं लेकिन कुछ परिस्थितियों में यह हमारे लिए हानिकारक हो सकता है इसलिए आपको शलजम का उतना ही उपयोग करना चाहिए, जिससे आप को कोई समस्याओं का सामना ना करना पड़े। शलजम के खाने से हमें फायदे और नुकसान दोनों होते हैं नीचे हमने शलजम के खाने से कुछ नुकसान के बारे में बताया है।

  • शलजम की पत्तियों में फास्फोरस की मात्रा अधिक पाई जाती है इसके अधिक सेवन करने से किडनी और हड्डियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
  • शलजम की पत्तियों में पोटेशियम की मात्रा अधिक पाई जाती है जिसके कारण है इसके अधिक सेवन करने से हाइपरकलेमिया की समस्या हो सकती है वही हृदय गति आसमान्य भी हो सकती है।
  • जैसा कि हमने ऊपर बताया कि शलजम में फाइबर की भरपूर मात्रा पाई जाती है ऐसे में इसके अधिक सेवन करने से पेट फूलने, ऐंठन और गैस की समस्या देखी जा सकती है।
  • वहीं कई लोगों को गैस की समस्या का सामना करना पड़ता है इसलिए उन्हें शलजम के उपयोग करने की सलाह नही दी जाती है।

यहां हमने शलजम से संबंधित कुछ जानकारियां इस लेख में बताई हैं शलजम हम सब सामान्य रूप से सब्जी मे उपयोग करते हैं। लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नहीं करना चाहिए जिससे कि किसी प्रकार की समस्या का कारण बने। अगर आपको किसी प्रकार की कोई समस्या होती है तो आप अपने डॉक्टर से सलाह लेकर ही उपयोग करें। आशा करता हूं कि आज हमने शलजम के बारे में जो आपको जानकारियां प्रदान की है वह आपके लिए काफी मददगार साबित हुई होंगी। ऐसे ही जानकारियों के लिए हमारे साथ जुड़े रहे। धन्यवाद

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1.) शलजम का वैज्ञानिक नाम और कुल क्या है ?

Answer:- शलजम का वैज्ञानिक नाम ब्रैसिका रैपा (Brassica rapa) है।

2.) क्या शलजम गर्भवती महिलाओं के लिए अच्छा आहार है?

Answer:- हाँ, शलजम गर्भवती महिलाओं के लिए एक अच्छा आहार है क्योंकि यह फोलेट और आयरन जैसे पोषक तत्व प्रदान करता है, जो बच्चे में न्यूरल ट्यूब दोष के जोखिम को कम करने में मदद करता है, और गर्भावस्था के दौरान एनीमिया से बचने में भी मदद करता है।

3.) क्या शलजम शरीर में आयरन की मात्रा बढ़ा सकता है?

Answer:- हाँ, शलजम शरीर में आयरन की मात्रा को बढ़ाने में मदद कर सकता है क्योंकि इसमें अच्छी मात्रा में आयरन होता है।

4.) ऑस्टियोपोरोसिस रोगियों के लिए शलजम कैसे मददगार हो सकता है?

Answer:- शलजम ऑस्टियोपोरोसिस के रोगियों के लिए मददगार हो सकता है क्योंकि इसमें विटामिन के होता है जो कैल्शियम को अवशोषित करता है और कैल्सीफिकेशन की प्रक्रिया को रोकने में मदद करता है।

5.) शलजम हमारे लिवर और किडनी को कैसे लाभ पहुँचा सकती है?

Answer:- शलजम में हेपेटोप्रोटेक्टिव और नेफ्रोप्रोटेक्टिव होते हैं जो किडनी के चारों ओर एक सुरक्षा कवच बनाकर किडनी के कार्य को बेहतर बनाने में मदद करते हैं, जिससे कोशिका विनाश को रोका जा सकता है। जिसके कारण यह काफी प्रभाव कारी साबित होता और लीवर और किडनी की रक्षा करने में मदद करता है

6.) पाचन रोगियों के लिए शलजम किस प्रकार सहायक हो सकता है?

Answer:- हां, शलजम फाइबर और पानी से भरपूर होता है जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है।

7.) क्या शलजम मस्तिष्क स्वास्थ्य और तंत्रिका तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है?

Answer:- हां, शलजम का सेवन मस्तिष्क स्वास्थ्य और तंत्रिका तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है क्योंकि इसमें विटामिन के, ल्यूटिन, फोलेट और बीटा-कैरोटीन होता है जो स्मृति शक्ति को मजबूत करता है और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करता है।

8.) क्या शलजम आंखों के लिए फायदेमंद हो सकता है?

Answer:- हां, शलजम आंखों के लिए फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इसमें विटामिन ए, विटामिन सी, ल्यूटिन और ज़ेक्सैंथिन जैसे पोषक तत्व होते हैं जो आंखों की रोशनी बढ़ाने और धब्बेदार अध: पतन के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।

9.) क्या शलजम खाने के कोई नुकसान हैं?

Answer:- शलजम में फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण इसके ज्यादा सेवन से पेट फूलना, पेट फूलना और पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शलजम की पत्तियों में पोटेशियम की मात्रा अधिक पाई जाती है जिसके कारण है इसके अधिक सेवन करने से हाइपरकलेमिया की समस्या हो सकती है वही हृदय गति आसमान्य भी हो सकती है।

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