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Agriculture News: अमेरिकन मक्का ने भारत के राजस्थान मे किया कमाल

Agriculture News:- भारत के राजस्थान के बाड़मेर- जैसलमेर में एक समय बाजरा का उत्पादन हुआ करता था और जब कभी वहां पर अच्छी बरसात होती थी। तो थोड़ा बहुत मूंग,मोठ और तिलहन का भी उत्पादन हो जाता था। लेकिन आज के समय में पूरा हालात बदल चुका है। खेती को लेकर किसानो को एक नई दिशा मिल चुकी है। कई इलाकों के भूगर्भ में मिले अच्छे पानी से अब खेती को एक नया व्यापार भी देखा जा रहा है और उसमें से एक खेती है अमेरिकन कॉर्न ( यह एक ऐसा मक्का है जो साल उगया जा सकता है)।

देश के बड़े बड़े बाजारों शॉपिंग मॉल, मल्टीप्लेक्स में बिकने वाले स्वीट कॉर्न का आधार , राजस्थान के बाड़मेर के खेतों में लहलहाता हुआ दिखाई दे रहा है। बाड़मेर प्रगतिशील किसान उम्मेदाराम प्रजापत ने अपने खेत में अमेरिकन कॉर्न की फसल को उगाया है।

राजस्थान के इस किसान का कहना है कि 1 पौधे में दो मक्के लगते हैं. जिसकी वजन करीब 1 किलो ऊपर से होता है। उन्होंने बताया कि देश मक्का का आकार काफी छोटा होता है और उसके दाम भी नहीं मिलते हैं। उन्होंने बताया कि बाड़मेर के कृषि मंडी में उन्होंने 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से इस मक्के को बेचा है। इससे उनको उनकी उपज का दाम घर के पास ही मिल गया।

3300 रुपये किलो में मंगवाया था बीज

आपको बता दें कि बड़े-बड़े शहरों होटलों में 150 प्रति प्लेट अमेरिकन कॉर्न बेचा जाता है। यह एक बहुत बड़ी मार्केट बताया जा रहा है। किसानों के लिए यह एक नई उम्मीद भी है। बाड़मेर के किसान ने बताया कि उन्होंने इसका बीज उदयपुर से 3300 रुपये प्रति किलो के हिसाब से मगाया था। उन्होंने केवल एक बीघा जमीन में मक्के की खेती की थी और उन्होंने 40 हजार रुपये इसे बेच के कमाया। इस की खेती में ऑर्गेनिक खाद का उपयोग किया जाता है और इसकी गुणवत्ता से भी किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं होता है

उनका कहना है कि बाड़मेर में किसानों के पास बहुत लंबे चौड़े खेत हैं। उन्हें अपनी सोच और समझ के हिसाब से खेती करना चाहिए। तथा विज्ञान के आधार पर दी गई जानकारियों को सीखना चाहिए। उनके इस खेत को देखने के लिए आप के लोग आ रहे है। और उनकी मेहनत की बड़ाई भी कर रहे हैं।

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अमेरिकन कॉर्न साल उगाये जाते है?

किसान भाइयों आपको बता दें कि देशी भुट्टे और अमेरिकन कॉर्न दोनों के बीच एक बहुत बड़ा अंतर है। अमेरिकन कॉर्न साल में 12 महीने बाजार मे मिलता है। इसी के कारण सिनेमा हॉल, मॉल में स्वीट कॉर्न नजर आते हैं। जिसके चलते बाजार में इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। देशी भुट्टे केवल बारिश के मौसम में ही उपलब्ध रहता है। इसीलिए किसानों को अब अमेरिकन कॉर्न की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकते है।

आज के इस महत्वपूर्ण आर्टिकल को लेकर आप सभी का कोई भी सावल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स मेंं ज़रूर लिखें और आर्टिकल कैसा लगा ये भी ज़रूर बताएं। इस लेख सभी किसान भाइयों तक शेयर ज़रूर करें, धन्यवाद।

FAQs:-

प्रश्न: अमेरिकी कॉर्न क्या है?
उत्तर: अमेरिकी कॉर्न जिसे मक्का भी कहा जाता है। जो संयुक्त राज्य अमेरिका में अधिक मात्रा मे उगाया जाता है। अमेरिकी कृषि उद्योग का एक प्रमुख हिस्सा है।

प्रश्न: अमेरिकी कॉर्न कितने प्रकार के होते है?
उत्तर: अमेरिकी कॉर्न की प्रकार के होते जैसे- स्वीट कॉर्न, फील्ड कॉर्न, पॉपकॉर्न और आटा मकई सहित कई प्रकार के अमेरिकी मक्का हैं। प्रत्येक प्रकार का मक्का एक विशिष्ट उद्देश्य के लिए उगाई जाता है। जैसे कि मानव के लिए अलग और पशु चारे के लिए अलग उगाय जाता है।

प्रश्न: अमेरिका मे इस मक्के का उपयोग कैसे किया जाता है?
उत्तर: अमेरिकी मकई का उपयोग कई उत्पादों को बनाने मे उपयोग किया जाता है जिसमें कॉर्नमील, मकई का आटा, कॉर्नस्टार्च, कॉर्न सिरप और मकई का तेल शामिल है। यह कई सभी खाद्य पदार्थों में भी एक सामान्य घटक है।

प्रश्न: अमेरिकन कॉर्न खाने के क्या फायदे हैं?
उत्तर: अमेरिकन मकई कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और विटामिन का एक अच्छा स्रोत है, और इसमे वसा भी कम मात्रा मे होता है। यह रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने और पाचन में सुधार करने में भी मदद कर सकता है।

प्रश्न: अमेरिकी मक्का कैसे उगाया और काटा जाता है?
उत्तर: अमेरिकी मक्का आमतौर पर बड़े क्षेत्रों में उगाया जाता है, और आमतौर पर वसंत में लगाया जाता है। इस प्रक्रिया में बीज बोना, पौधों का पोषण करना और मकई के तैयार होने पर काटाई करना शामिल है।

प्रश्न: अमेरिकी मकई का पर्यावरण पर क्या प्रभाव है?
उत्तर: अमेरिकी मकई के बड़े पैमाने पर उत्पादन का पर्यावरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है, जिसमें मिट्टी का क्षरण, जल प्रदूषण और कीटनाशकों और उर्वरकों का उपयोग शामिल है। हालांकि, अमेरिका मे मकई उत्पादन के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए कदम उठा जा रहे हैं।

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