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Krishi Budget 2023: किसानों के लिए रिसर्च सेंटर बनाने का प्लान, 1 करोड़ किसानों को होगा फायदा,

Krishi Budget 2023: देश में कृषि अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार कई प्रकार के निर्णय लेती जा रही है। हाल ही में पेश हुए बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि आने वाले 3से 4 सालों में 1 करोड़ से अधिक किसान प्राकृतिक खेती से जुड़ेंगे। इसके लिए उन्होंने देश में 10,000 से ज्यादा बायो इनपुट रिसर्च खोलने का भी प्रावधान बताया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कृषि क्षेत्र के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि अब देश के किसान प्राकृतिक खेती करने के लिए पूरा सहयोग दिया जाएगा। किसान अपने खर्चे को कम करके अधिक मुनाफा कमा सकेंगे। इस मिशन के तहत आने वाले 3से 4 साल में करीब 1 करोड़ से ज्यादा किसानों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है। तथा देश में 10,000 से ज्यादा बायो इनपुट रिसर्च सेंटर बनने के बाद किसानों को प्राकृतिक खेती करना बहुत ही आसान हो जाएगा। देश में माइक्रो फर्टिलाइजर के साथ-साथ मिस्ट्री मैन ग्रोन प्लांटेशन पर भी जोर दिया जा रहा है।

कृषि स्टार्ट अप को फायदा

देश में इस समय इस स्टार्ट अप का एक नया प्रचलन चल रहा है और अलग-अलग क्षेत्र में लोग अलग-अलग स्टार्टअप कर रहे हैं। इन सभी को देखते हुए सरकार का उद्देश्य है कि कृषि के क्षेत्र में भी स्टार्टअप करने वाले युवा और उद्यमी आये। और कृषि को भी एक नये स्टार्टअप के तौर पर देखे। सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण इलाकों में रह रहे युवा इस मिशन के साथ जुड़े और एक नया कृषि के क्षेत्र में स्टार्टअप बनाएं।

इसके लिए सरकार ने एग्रीकल्चर एक्सीडेंटल फंड की भी स्थापना किया जायेगा। जिसके तहत पशुपालन, डेयरी, मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में एक नया स्टार्टअप बनाने के लिए युवाओं को लोन के साथ उनको सब्सिडी भी दिया जाएगा। ग्रीन लोन का लक्ष्य भी बढ़ाकर अब 20 लाख करोड़ कर दिया गया है। जिससे एग्रीकल्चर क्षेत्र में नए-नए स्टार्टअप आए और देश में एक नये रोजगार के साथ-साथ देश आगे बढ़ सके।

कृषि स्टोरेज की क्षमता बढ़ेगी

देश में किसान भाइयों की हर साल कई फसल सड़ने की समस्या कई बार न्यूज़ में आती रहती है। क्योंकि देश में अभी इतने स्टोरेज क्षमता नहीं विकसित किया गया है कि किसान या ग्राहक अपनी फसल सुरक्षित रख सके। इसको देखते हुए सरकार ने किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के साथ ही साथ उपज को बेचने पर किसान की आय कैसे बढ़े इस पर भी विचार किया जाएगा। वित्त मंत्री ने बताया कि आने वाले 5 साल मे गांवो में बड़े लेवल पर सहकारी समितियों, प्राथमिक मत्स्य समितियों और डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना किया जाएगा। जिसके अंदर इस प्रकार की सभी सुविधाएं होंगी और किसान आसानी से अपना फसल स्टोरेज कर सकेंगे और सही भाव मिलने पर उसको बेचकर अच्छा पैसा कमा सकेंगे।

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भारत के जीडीपी में कृषि का कितना है योगदान

भारत एक कृषि प्रधान देश है। भारत की जीडीपी में कृषि का योगदान लगभग 16.8 % है। द वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट 2021 के अनुसार। वही अगर दुनिया में सबसे अधिक जीडीपी 23.32 लाख करोड़ डॉलर अमेरिका का है। वहां की GDP मे कृषि का योगदान केवल 1% है। विशेषज्ञों का मानना है कि विश्व में जितने भी विकसित देश है। वहाँ की जीडीपी में कृषि का योगदान कम है। इंडस्ट्री और सर्विस सेक्टर का सबसे ज्यादा होता है। इसीलिए भारत कृषि के क्षेत्र में स्टार्ट करने के लिए एग्रीकल्चर एक्सीडेंटल फंड का निर्माण किया जाएगा। जिससे अधिक से अधिक इंडस्ट्री का विकास हो देश विकसित हो सके।

देश में बंजर भूमियों की संख्या

देश की जनसंख्या जैसे धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है। कृषि करने के लिए खेत भी कम पड़ते जा रहे हैं। लेकिन आज भी देश में अभी बहुत से जमीन बंजर भूमि के रूप में उपयोग नहीं हो पा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि इस प्रकार की बंजर भूमि को उपजाऊ जमीन कैसे बनाया जाए। एक आंकड़े के मुताबिक देश में अभी 1.69 करोड़ हेक्टेयर बंजर भूमि है। अगर देश में किसानों की बात किया जाए तो लगभग 26.10 करोड़ किसान पुरे देश मे है, 2011 के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा किसान उत्तर प्रदेश मे है लगभग 3.3 करोड़ है। लक्षदीप एक ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है। जहां पर एक भी किसान नहीं है। और भारत में सबसे अधिक कर्ज वाला राज्य तमिलनाडु है।

आज के इस महत्वपूर्ण आर्टिकल को लेकर आप सभी का कोई भी सावल हो तो नीचे कमेंट बॉक्स मेंं ज़रूर लिखें और आर्टिकल कैसा लगा ये भी ज़रूर बताएं। इस लेख सभी किसान भाइयों तक शेयर ज़रूर करें, धन्यवाद।

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